खट्टी डकार का इलाज, तुरंत राहत पाने के 5 घरेलू उपाए

Spread the love

खट्टी डकार का इलाज, दोस्तों, आजकल के समय में गैस और बदहजमी एक आम बात है ,यही कारण है कि भाग दौड़ भरी जिंदगी में खाने का समय भी फिक्स नहीं है, जिससे बदहजमी हो जाती है और लोग खट्टी डाकर आने से परेशान हो जाते हैं। इसके अलावा, ये समस्याएं अक्सर ओवरईटिंग से भी होती हैं। ज्यादा तल्ला भोजन या मसालेदार भोजन खाने से भी खट्टी डकार (khatti dakar ka ilaj) की परेशानी हो सकती है।

इस समस्या से घर हो या ऑफिस लोग परेशान रहते हैं। इसके अलावा, आपको दूसरे लोगों के सामने शर्मिंदा होना पड़ेगा अगर आपको बार बार डकार आ रहे हैं । यदि आप भी इस समस्या से परेशान हैं तो आज इस लेख में इसका घरेलू उपाय जान लीजिए।

खट्टी डकार का कारण

खट्टी डकारें आमतौर पर हमारे शरीर में पाचन प्रक्रिया का हिस्सा होती हैं, लेकिन अगर, इस समस्या का बार-बार सामना करना पड़ रहा है, तो इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। पहला कारण हो सकता है खानपान में अनियमितता, जिससे पाचन प्रक्रिया में दिक्कतें पैदा हो सकती हैं और अधिक गैस बनती है। दूसरा, तल्ला भोजन करना और भोजन को जल्दी जल्दी में निगलना, मसालेदार भोजन खाना भी खट्टी डकारों का कारण बन सकता है।

थीमिन और गैस्ट्रिक एसिड की बढ़ती हुई मात्रा , खट्टी डकारों का कारण बन सकती हैं। इसके इलावा तनाव, और नींद पूरी ना करना भी इस समस्या को बढ़ा सकती हैं। इसलिए, यदि खट्टी डकार आना गैस बनना की समस्या बनी है, तो अच्छे खानपान का ध्यान रखना जरूरी है।

इसे भी पड़ें   पुरुषों का लिंग मोटा और लम्बा करने के घरेलू उपाय - तुरंत मिलेगा रिजल्ट

खट्टी डकार का इलाज, 5 घरेलू उपाए

खट्टी डकार, एसिडिटी या गैस की समस्या एक आम स्वास्थ्य समस्या है जो हमारे रोजमर्रा के जीवन में काफी परेशानी पैदा कर सकती है। भोजन के बाद पेट में बनने वाली एसिड और गैस के कारण हमें खट्टी डकार का सामना करना पड़ता है। यह समस्या कभी-कभी पेट दर्द और अपच के साथ भी जुड़ी हो सकती है। नीचे हमने पाँच सरल और प्रभावी घरेलू उपाय बताए हैं, जिन्हें अपनाकर आप इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। आइए जानते हैं खट्टी डकार से राहत पाने के लिए पाँच आसान घरेलू उपाय।

1. सोंठ और जीरा का चाय:

खट्टी डकार का इलाज, सोंठ और जीरा को पानी में उबालकर काढ़ा बनाएं। इस चाय को भोजन के बाद पीने से खट्टी डकारें में आराम मिलता है और गैस बनना काम होता है।

बनाने की विधि: पानी में जीरा और सोंठ को उबालकर काढ़ा बनाएं। भोजन के बाद इस चाय को पीने से खट्टी डकारें में आराम मिलता है और गैस बनना बंद होता है। एक कप पानी में एक छोटा चमच सोंठ और एक छोटा चमच जीरा उबालें, ताकि चाय बन जाए।

उबालने के बाद धीरे-धीरे ठंडा करें और छानकर पीने के लिए तैयार करें। यह चाय खाना के बाद पीने के लिए अच्छी है और हर दिन इसे पीने से खट्टी डकार कम हो सकती है। सोंठ और जीरा के गुण पाचन को बेहतर बनाते हैं और पेट में गैस बनने से रोकते हैं।

2. धनिया के बीजों का पानी

धनिया के बीजों को पानी में भिगोकर रात भर रखना एक कुदरती उपाय है जो पाचन सिस्टम को सुधारने में मदद कर सकता है। इस तरीके को अपनाने के लिए, एक कप पानी में एक छोटा चमच धनिया के बीज डालें और इसे उबालें।

इसे भी पड़ें   क्या आपके भी संभोग के बाद गुप्तांग में खुजली और जलन होती है, जानिए कारण और उपाए

उबाले हुए पानी में बीजों को धीमी आंच पर 8-10 मिनट तक उबालने के बाद, इसे ठंडा होने दें और छानकर पीलें ऐसा करने से पेट की साफ-सफाई और पाचन में सुधार होगा।

3. पुदीना निम्बू की चाय

पुदीना निम्बू की चाय बनाने के लिए, एक कप पानी में कुछ पुदीना के पत्तियां और निम्बू का रस डालें और उबालें। उबालने के बाद धीरे-धीरे चाय को बनने दें और फिर उसे छानकर पीने के लिए तैयार करें।

भोजन के बाद पुदीना चाय पीने से पाचन प्रक्रिया में सुधार हो सकता है। यह पेट गैस और अपच की समस्या से राहत मिल सकती है। पुदीनाऔर निम्बू चाय से आंतें साफ होती है जिससे अपच की समस्याओं को दूर किया जा सकता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन C भी आपको खट्टी डकार और बदहजमी से निजात दिला सकता है।

4. त्रिफला चूर्ण का सेवन

खट्टी डकार का इलाज, त्रिफला चूर्ण का इस्तेमाल, रोजाना त्रिफला सेवन करने से हमारे शारीर में पेट से जुडी समस्या में राहत मिलती है हर रोज सोने से पहले गरम पानी के साथ इस चूर्ण का सेवन करना एक सुरक्षित और असरदार तरीका है।

त्रिफला पाचन क्रिया को बेहतर बना सकता है और अपच,कब्ज,बदहजमी और गैस की समस्याओं को कम करने में मदद करता है।

5. दही और छाछ का इस्तेमाल

दही और छाछ दोनों बदहजमी और खट्टी डकार में पाचन को सुधारने में मदद कर सकते हैं और गैस से राहत दे सकते हैं। दही में प्रोबायोटिक्स होते हैं जो आंतों में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं। यह भी पेट की गैस और बदहजमी को कम करने में प्रभावी हैं।

इसे भी पड़ें   पाद कैसे निकालें? पाद सूंघने के क्या फायदे होते हैं, पाद के प्रकार

खट्टी डकार का इलाज, छाछ में विटामिन्स, मिनरल्स और प्रोबायोटिक्स होते हैं जो पाचन को बेहतर बना सकते हैं और बदहजमी और गैस से छुटकारा पा सकते हैं। रोजाना सुबह या खाने के साथ छाछ खाने से आपका पाचन तंत्र स्वस्थ रहेगा और बदहजमी कम होगी।

प्रशन: खट्टी डकार का दूसरा नाम?

उतर: खट्टी डकार को आमतौर पर “बुरप” भी कहा जाता है। यह एक सामान्य रूप से खाना खाने के बाद होने वाला साइड इफेक्ट हो सकता है।

प्रशन: पेट फूलना खट्टी डकार आना?

उतर: पेट फूलना और खट्टी डकारें आना, एक सामान्य पाचन से जुडी समस्या है जो अक्सर गलत खानपान के साथ होती है।

प्रशन: खट्टी डकार और सीने में जलन?

उतर: खट्टी डकार का इलाज, खट्टी डकारें और सीने में जलन एक सामान्य पेट संबंधित समस्या हैं आमतौर से अपच, एसिड रिफ्लक्स या बदहजमी के कारण हो सकती है।

प्रशन: खट्टी डकार आने पर क्या खाना चाहिए?

उतर: खट्टी डकारें अगर आ रही है तो हमें खानपान में सुधार करना चाहिए। जैसे जीरा और सौंफ़, धनिया का पानी, नारियल पानी ,तुलसी चाय, दही, लसी अदि।

नोट:

किसी भी उपाय को करने से पहले हमेशा किसी विशेषज्ञ या डॉक्टर से सलाह जरूर लें। Upayehealth.com इस जानकारी के लिए किसी भी तरह की जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

इन्हें भी पड़ें-

विटामिन ई कैप्सूल खाने के फायदे और नुकसान करेंगे आपको हैरान

पेट दर्द का उपचार सिर्फ 5 मिनटों में पाएं राहत

नसों में गैस बनना कारण, लक्षण, उपचार और बचाव

Leave a Comment